एक परी जिसकी उड़ान हौसलों से ऊपर !!


उच्च शिखरों पर जोखिम उठाने वाली, परीकुल भारद्वाज को राष्ट्रपति करेंगे बाल “राष्ट्रीय बाल शक्ति पुरस्कार 2020” से सम्मानित ! उच्च शौर्य परम्पराओं को आगे बढ़ाते हुए सफलता के नए आयाम स्थापित किये


एक परिचय :परीकुल भारद्वाज, उम्र: 13 वर्ष, 9 वीं कक्षा, माउंट सेंट मैरी स्कूल, दिल्ली कैंट


परीकुल भारद्वाज समाज में नेतृत्व, प्रेरणा 
तथा ऊंचे हिमालय शिखरों पर दी जाने वाली निस्वार्थ सेवाओं का एक जीवंत उदाहरण है।  26 जनवरी पर “परीकुल भारद्वाज” को राष्ट्रपति करेंगे बाल “राष्ट्रीय बाल शक्ति पुरस्कार 2020” से सम्मानित ! यह सम्मान राष्ट्रपति भवन में दिया जाएगा !! 


हौसलों से ऊपर उड़ान उड़ने वाली एक परी..
ऊंचे पर्वतों पर किसी की जान बचाने हेतु उन्हें प्रशिक्षण प्राप्त हैं।वे इतनी ऊंचाइयों पर अपनी समाज सेवी गतिविधियों द्वारा समाज हित योगदान देने वाली, लोगों की जान बचाने के लिए कार्य करने वाली  सबसे कम आयु की पहली युवती हैं। 
उन्होंने समाज  के प्रति  असाधारण, साहस, बहादुरी, जुनून, समर्पित सेवा भाव और प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है। 


वे किसी भी  वर्ग, पंथ,धर्म या जाति इत्यादि की परवाह किए बिना उच्च शिखरों पर जोखिमों से भरी होने पर भी अपनी स्वास्थ्य सेवाएं दे रही हैं।


अपने 2017,2018 एवम् 2019 में लगातार तीन वर्षों से वे अपने ग्रीष्मावकाश के दौरान ,हिमालय की ऊंची चोटियों पर  निस्वार्थ रूप से प्रतिवर्ष 45 दिनों तक केदारनाथ के दर्शनों के लिए आए तीर्थ यात्रियों की 14000 फीट पर 7 डिग्री तापमान में अथक सेवा प्रदान करती हैं । राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद 22 जनवरी को ‘राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार-2020’ देकर सम्मानित करेंगे। 
राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार-2020 सूची में नाम आने पर हर्ष व्यक्त करते हुए उनके पिता डॉ. प्रदीप भारद्वाज ने कहा, ‘बेटी परिकुल सामाजिक कार्यों को करने में हमेशा आगे रहती है।